सरकार की मदद का उद्देश्य
प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के पीछे सरकार का उद्देश्य खेती की लागत कम करना, मिट्टी की उर्वरता बढ़ाना, रासायनिक दवाओं के उपयोग को घटाना और किसानों की आय में सुधार करना है। इसी दिशा में केंद्र सरकार की राष्ट्रीय प्राकृतिक खेती मिशन (National Mission on Natural Farming) तथा परंपरागत कृषि विकास योजना जैसी योजनाओं के माध्यम से सहायता दी जा रही है।
किन किसानों को मिल सकता है लाभ?
प्राकृतिक खेती से जुड़ी सहायता का लाभ मुख्य रूप से निम्न किसानों को मिल सकता है:
छोटे और सीमांत किसान
व्यक्तिगत किसान जो प्राकृतिक खेती शुरू करना चाहते हैं
किसान समूह, एफपीओ (FPO) या स्वयं सहायता समूह
जैविक/प्राकृतिक खेती अपनाने वाले पंजीकृत किसान
वे किसान जो रासायनिक खेती से प्राकृतिक खेती की ओर बदलाव कर रहे हैं
किस प्रकार की आर्थिक सहायता मिल सकती है?
योजना और राज्य के अनुसार सहायता की राशि अलग-अलग हो सकती है। आम तौर पर किसानों को निम्न प्रकार की मदद मिल सकती है:
सहायता | क्या मिलेगा |
|---|---|
प्रशिक्षण | प्राकृतिक खेती की तकनीकों की जानकारी |
जैविक इनपुट | जीवामृत, घनजीवामृत, बीज उपचार आदि के लिए सहायता |
डेमो प्लॉट | प्रदर्शन खेत तैयार करने के लिए अनुदान |
समूह आधारित खेती | किसान समूहों को अतिरिक्त प्रोत्साहन |
प्रमाणन व विपणन | कुछ योजनाओं में सहायता |
ध्यान दें: सहायता राशि प्रति हेक्टेयर, प्रति किसान या किसान समूह के आधार पर तय हो सकती है।
आवेदन के लिए जरूरी शर्तें
आमतौर पर आवेदन करते समय किसान के पास ये दस्तावेज और पात्रता होनी चाहिए:
कृषि भूमि का विवरण
आधार कार्ड
बैंक खाता
मोबाइल नंबर
किसान पंजीकरण (यदि राज्य में अनिवार्य हो)
प्राकृतिक खेती अपनाने की सहमति/घोषणा
कैसे करें आवेदन?
अपने जिले के कृषि विभाग से संपर्क करें।
राज्य सरकार के कृषि पोर्टल या किसान पोर्टल पर जाएं।
प्राकृतिक खेती / जैविक खेती / संबंधित योजना का विकल्प चुनें।
ऑनलाइन आवेदन फॉर्म भरें और दस्तावेज अपलोड करें।
आवेदन स्वीकृत होने पर सहायता राशि बैंक खाते में भेजी जा सकती है।
किसानों को क्या फायदा होगा?
रासायनिक खाद और दवाओं पर खर्च कम होगा
मिट्टी की गुणवत्ता सुधरेगी
फसल की गुणवत्ता बेहतर हो सकती है
लंबे समय में खेती अधिक टिकाऊ बनेगी
प्राकृतिक उत्पादों के बेहतर दाम मिलने की संभावना बढ़ सकती है
महत्वपूर्ण बात
प्राकृतिक खेती के लिए आर्थिक सहायता सभी किसानों को स्वतः नहीं मिलती। लाभ पाने के लिए संबंधित योजना में आवेदन करना और पात्रता शर्तें पूरी करना जरूरी है। क्योंकि नियम राज्यवार बदल सकते हैं, इसलिए आवेदन से पहले अपने जिला कृषि अधिकारी या राज्य कृषि विभाग की आधिकारिक वेबसाइट पर जानकारी जरूर जांच लें।