महिला सुरक्षा, साइबर अपराध, हेल्पलाइन व महिला अधिकारों की दी जानकारी
शहर। महिलाओं और बालिकाओं को सुरक्षा, साइबर अपराधों से बचाव तथा उनके कानूनी अधिकारों के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से एक जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में छात्राओं, महिलाओं और स्थानीय नागरिकों ने भाग लिया। विशेषज्ञों ने महिला सुरक्षा से जुड़े विभिन्न विषयों पर विस्तार से जानकारी देते हुए सतर्क रहने और किसी भी प्रकार की आपराधिक गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को देने की अपील की।
कार्यक्रम में वक्ताओं ने कहा कि आज के डिजिटल दौर में साइबर अपराध तेजी से बढ़ रहे हैं। ऐसे में महिलाओं और युवतियों को सोशल मीडिया का सुरक्षित उपयोग करना चाहिए तथा किसी भी अनजान व्यक्ति के साथ अपनी निजी जानकारी, बैंकिंग डिटेल्स, ओटीपी या पासवर्ड साझा नहीं करना चाहिए। उन्होंने ऑनलाइन ठगी, फर्जी लिंक, साइबर बुलिंग, फेक प्रोफाइल, मॉर्फिंग और डिजिटल ब्लैकमेलिंग जैसे अपराधों से बचने के उपाय भी बताए।
इस दौरान महिलाओं को विभिन्न सरकारी हेल्पलाइन नंबरों और आपातकालीन सेवाओं की जानकारी दी गई। उन्हें बताया गया कि किसी भी प्रकार की परेशानी या अपराध की स्थिति में तुरंत संबंधित हेल्पलाइन या निकटतम पुलिस थाने से संपर्क करें। साथ ही साइबर अपराध की शिकायत ऑनलाइन साइबर पोर्टल अथवा साइबर हेल्पलाइन के माध्यम से भी दर्ज कराई जा सकती है।
विशेषज्ञों ने महिलाओं को उनके संवैधानिक और कानूनी अधिकारों की जानकारी देते हुए घरेलू हिंसा, कार्यस्थल पर यौन उत्पीड़न, दहेज प्रताड़ना, बाल विवाह, मानव तस्करी और महिला उत्पीड़न से जुड़े कानूनों के बारे में विस्तार से बताया। उन्होंने कहा कि कानून महिलाओं को सुरक्षा और न्याय प्रदान करता है तथा किसी भी प्रकार के उत्पीड़न की स्थिति में चुप रहने के बजाय कानूनी सहायता लेनी चाहिए।
कार्यक्रम में आत्मरक्षा के महत्व पर भी प्रकाश डाला गया। महिलाओं और छात्राओं को आत्मविश्वास बढ़ाने, सतर्क रहने तथा आपातकालीन परिस्थितियों में सही निर्णय लेने के लिए प्रेरित किया गया। वक्ताओं ने कहा कि जागरूकता ही अपराधों से बचाव का सबसे प्रभावी माध्यम है।
अंत में उपस्थित महिलाओं और छात्राओं से अपील की गई कि वे स्वयं जागरूक बनें और अपने परिवार तथा समाज में भी महिला सुरक्षा, साइबर सुरक्षा और कानूनी अधिकारों के प्रति जागरूकता फैलाएं, ताकि सुरक्षित और सशक्त समाज का निर्माण किया जा सके।